Key Points:
- महाराष्ट्र में लाडकी बहिन योजना में 12,915 अपात्र लाभार्थी पाए गए.
- अब तक 6,457 महिलाओं से करीब 11 करोड़ रुपये की वसूली.
- 2,652 सरकारी महिला कर्मचारियों ने भी गलत तरीके से लिया लाभ.
Key Points:
- महाराष्ट्र में लाडकी बहिन योजना में 12,915 अपात्र लाभार्थी पाए गए.
- अब तक 6,457 महिलाओं से करीब 11 करोड़ रुपये की वसूली.
- 2,652 सरकारी महिला कर्मचारियों ने भी गलत तरीके से लिया लाभ.
Maharashtra Ladli Behna Yojana: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में वर्तमान सरकार की जीत के लिए गेमचेंजर साबित हुई मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना को लेकर अब बड़ी खबर सामने आ रही है। खबर है कि राज्य की इस योजना का लाभ लेने के लिए नियमों का उल्लंघन करने वाली अपात्र महिलाओं पर कार्रवाई तेज कर दी गई है।
ताजा रिपोर्ट के अनुसार, राज्य सरकार ने अबतक अपात्र पाई गई महिलाओं के खाते से 11 करोड़ रुपए की वसूली की है। सरकार की इस कार्रवाई के बाद उन लाभार्थियों में हड़कंप मच गया है जिन्होंने गलत जानकारी देकर माझी लाडकी बहिण योजना का लाभ लिया था।
6,457 महिलाओं से करोड़ों की वसूली
Maharashtra Ladli Behna Yojana में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि राज्य भर में 12,915 लाभार्थी झूठी जानकारी देकर अपात्र होने के बावजूद योजना का लाभ उठा रहे थे।
महिला एवं बाल कल्याण सचिव डॉ. अनुप कुमार यादव के निर्देश पर ग्राम विकास विभाग से रिपोर्ट मांगे जाने के बाद वसूली अभियान शुरू किया गया है। अब तक 6,457 महिलाओं से 11 करोड़ रुपये वसूले जा चुके हैं।
सरकारी कर्मचारियों ने भी उठाया लाभ
जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा सरकारी कर्मचारियों को लेकर हुआ है। 2,652 सरकारी महिला कर्मचारियों ने इस योजना के लिए आवेदन कर हर महीने पैसे लिए। इन कर्मचारियों ने सरकार को 3 करोड़ 58 लाख रुपये का नुकसान पहुंचाया। कई कर्मचारियों ने 18,000 से 21,000 रुपये तक की राशि ली। सरकार ने इनसे वसूली शुरू कर दी है और लगभग आधी रकम वापस ली जा चुकी है।
लाडकी बहिन योजना फर्जीवाड़ा
| श्रेणी | विवरण |
|---|---|
| कुल अपात्र लाभार्थी | 12,915 |
| अब तक वसूली की गई राशि | ₹11 करोड़ |
| जिन महिलाओं से वसूली हुई | 6,457 |
| सरकारी कर्मचारी (अपात्र) | 2,652 |
| सरकारी कर्मचारियों द्वारा लिया गया पैसा | ₹3.58 करोड़ |
| प्रति कर्मचारी ली गई राशि | ₹18,000 – ₹21,000 |
| e-KYC न करने वाले खाते | 68 लाख |
| वर्तमान सक्रिय लाभार्थी | लगभग 1.75 करोड़ |
| मासिक योजना खर्च | ₹3,700 करोड़ |
| प्रति लाभार्थी राशि | ₹1,500 प्रति माह |
| 2026 बजट प्रावधान | ₹26,000 करोड़ |
| पिछला बजट | ₹36,000 करोड़ |
| e-KYC की नई अंतिम तारीख | 30 अप्रैल 2026 |
e-KYC के बाद 68 लाख खाते बंद
राज्य सरकार ने e-KYC अनिवार्य करने के बाद लाखों अपात्र लाभार्थियों को योजना से बाहर कर दिया है। 68 लाख लाडली बहनों ने 31 मार्च तक e-KYC पूरी नहीं की, जिसके कारण उनके खाते बंद कर दिए गए।
सरकार की इस कार्रवाई के बाद सक्रिय खातों की संख्या घटकर लगभग 1.75 करोड़ रह गई है। हालांकि सरकार ने 30 अप्रैल 2026 तक e-KYC पूरी करने का एक और मौका दिया है।
क्या बंद होगी लाडकी बहिण योजना?
महायुति सरकार ने स्पष्ट किया है कि पात्र और जरूरतमंद महिलाओं के लिए लाडकी बहिन योजना बंद नहीं होगी। योजना के तहत हर महीने करीब 3,700 करोड़ रुपये बांटे जाते हैं और हर पात्र महिला को 1,500 रुपये दिए जाते हैं।
इस साल बजट में Maharashtra Ladli Behna Yojana के लिए 26,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले साल के 36,000 करोड़ रुपये से कम है। सरकार का कहना है कि योजना को और पारदर्शी बनाया जा रहा है ताकि सही लाभार्थियों तक पूरा लाभ पहुंच सके।



















