Key Points:
- तीन बच्चों से अधिक होने पर नहीं मिलेगा लाभ
- योजना में ज्यादा महिलाओं को लाभ के लिए बदलाव
- नई श्रेणियों की महिलाओं को भी मिलेगा लाभ
Key Points:
- तीन बच्चों से अधिक होने पर नहीं मिलेगा लाभ
- योजना में ज्यादा महिलाओं को लाभ के लिए बदलाव
- नई श्रेणियों की महिलाओं को भी मिलेगा लाभ
हरियाणा सरकार ने नए साल की शुरुआत के साथ पंडित दीनदयाल उपाध्याय लाडो लक्ष्मी योजना में बड़ा बदलाव करते हुए इसके दायरे का विस्तार कर दिया है। अब अधिक संख्या में गरीब और जरूरतमंद महिलाओं को इस योजना के तहत हर महीने 2100 रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी। यह जानकारी हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मुख्यमंत्री Naib Singh Saini ने दी।
किसे मिलेगा लाडो लक्ष्मी योजना का यह लाभ
सरकार के फैसले के अनुसार, अब 10वीं और 12वीं कक्षा में 80 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले बच्चों की माताएं भी इस योजना के दायरे में आएंगी, बशर्ते उनकी वार्षिक पारिवारिक आय 1.80 लाख रुपये तक हो। इससे पहले यह सीमा 1 लाख रुपये थी। शर्त यह भी है कि बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे हों।
निपुण योजना और पोषण से जुड़ी माताओं को राहत
लाडो लक्ष्मी योजना में अब भारत सरकार के निपुण मिशन के तहत ग्रेड लेवल प्रोफिशिएंसी हासिल करने वाले बच्चों की माताओं को भी शामिल किया गया है। इसके साथ ही पोषण ट्रैकर के अनुसार यदि कोई बच्चा कुपोषण या एनीमिया से बाहर निकलकर ग्रीन जोन में आता है तो उसकी मां को भी 2100 रुपये मासिक का लाभ मिलेगा।
राशि के भुगतान में बदला तरीका
योजना के तहत दी जाने वाली 2100 रुपये की राशि में अब बदलाव किया गया है। महिलाओं को हर महीने 1100 रुपये सीधे खाते में मिलेंगे, जबकि 1000 रुपये सरकार की ओर से रिकरिंग या फिक्स्ड डिपॉजिट में जमा किए जाएंगे। इसका उद्देश्य यह है कि भविष्य में महिलाओं को ब्याज का अतिरिक्त लाभ भी मिल सके। लाभार्थी की असामयिक मृत्यु की स्थिति में यह राशि नामांकित व्यक्ति को तुरंत जारी की जाएगी।
1 जनवरी 2026 से लागू होंगे नए लाभ
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नई श्रेणियों में शामिल महिलाओं को 1 जनवरी 2026 से योजना का लाभ दिया जाएगा। अनुमान है कि दायरा बढ़ने से करीब सवा लाख नई महिलाएं इस योजना में शामिल होंगी। यह योजना 25 सितंबर 2025 को शुरू की गई थी और पहली किस्त 1 नवंबर को हरियाणा दिवस के अवसर पर डीबीटी के जरिए जारी की गई थी।
सरकार ने बताया कि योजना को पारदर्शी बनाने के लिए लाभार्थियों की सूची ग्राम सभाओं में सार्वजनिक की जाएगी। यदि किसी नाम पर आपत्ति दर्ज होती है तो जांच के बाद उसे हटाया जा सकेगा। एक महिला को अधिकतम तीन बच्चों तक ही इस श्रेणी के तहत लाभ मिलेगा और यह सहायता तीन वर्षों तक सीमित रहेगी।



















