MGNREGA Wage Rate 2025-26: केंद्र सरकार ने मनरेगा मजदूरी रेट बढ़ाया, अब मिलेगा इतना पैसा

सरकारी अधिसूचना के अनुसार, राज्यों के हिसाब से मनरेगा मजदूरी में 2.33% से 7.48% तक की बढ़ोतरी की गई है। इसका अर्थ यह है कि अलग-अलग राज्यों में दैनिक मजदूरी ₹7 से ₹26 तक बढ़ी है।
MGNREGA Wage Rate

MGNREGA Wage Rate (मनरेगा मजदूरी रेट)2025-26: केंद्र सरकार ने हाल ही में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) के तहत मजदूरी दरों में बढ़ोतरी की है। बता दें कि केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने मनरेगा मजदूरी रेट 2025-26 के लिए 2.33 प्रतिशत से 7.48 प्रतिशत तक मजदूरी दरों में बढ़ोतरी की है।

केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत मजदूरी दरों में बढ़ोतरी की अधिसूचना जारी कर दी है। यह नई दरें 1 अप्रैल 2025 से देशभर में लागू हो चुकी हैं। मनरेगा योजना के तहत सभी राज्यों में औसत दैनिक मजदूरी पहले के मुकाबले बढ़ा दी गई है।

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सरकार का कहना है कि यह संशोधन ग्रामीण मजदूरों की आय को महंगाई के अनुरूप बनाए रखने के लिए किया गया है। अब मनरेगा मजदूरी रेट (MGNREGA Wage Rate) में 2.33% से 7.48% तक की बढ़ोतरी हुई है।प्रतिदिन के हिसाब से देखें तो इसमें ₹7 से ₹26 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। इससे मनरेगा योजना से जुड़े लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।

MGNREGA Wage Rate – कितनी बढ़ी मजदूरी?

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत भारत के लगभग सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में दैनिक मजदूरी की रेट बढ़ा दी गई है। औसतन 26 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से मनरेगा मजदूरी रेट में बढ़ोतरी की गई है। आईए जानते हैं कि आपके राज्य में मनरेगा की मजदूरी रेट क्या है?

सरकारी अधिसूचना के अनुसार, राज्यों के हिसाब से मनरेगा मजदूरी में 2.33% से 7.48% तक की बढ़ोतरी की गई है। इसका अर्थ यह है कि अलग-अलग राज्यों में दैनिक मजदूरी ₹7 से ₹26 तक बढ़ी है।

  • हरियाणा में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यहां मजदूरी ₹26 बढ़कर ₹400 प्रति दिन हो गई है, जो देश में सबसे अधिक है।
  • आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, नागालैंड और तेलंगाना जैसे राज्यों में न्यूनतम ₹7 की बढ़ोतरी की गई है।
  • केरल, तमिलनाडु, पंजाब, गुजरात, कर्नाटक, छत्तीसगढ़ और बिहार जैसे राज्यों में मध्यम स्तर की बढ़ोतरी लागू हुई है।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस संशोधन के बाद देश में औसत मनरेगा मजदूरी लगभग ₹370 प्रति दिन के आसपास पहुंच गई है, जो पिछले वर्ष करीब ₹349 प्रति दिन थी।

मनरेगा मजदूरी रेट की नई दरें (2025-26)

राज्य / केंद्रशासित प्रदेश2024-25 रेट (₹/दिन)2025-26 रेट (₹/दिन)बढ़ोतरी (₹)बढ़ोतरी (%)
आंध्र प्रदेश300307+7~2.33%
अरुणाचल प्रदेश234241+7~2.99%
असम249256+7~2.81%
बिहार245255+10~4.08%
छत्तीसगढ़243261+18~7.41%
गोवा356378+22~6.18%
गुजरात280288+8~2.86%
हरियाणा374400+26~6.95%
हिमाचल प्रदेश (गैर-अनुसूचित)236247+11~4.66%
हिमाचल प्रदेश (अनुसूचित)295309+14~4.75%
जम्मू और कश्मीर259272+13~5.02%
लद्दाख259272+13~5.02%
झारखंड245255+10~4.08%
कर्नाटक349370+21~6.02%
केरल346369+23~6.65%
मध्य प्रदेश243261+18~7.41%
महाराष्ट्र297312+15~5.05%
मणिपुर272284+12~4.41%
मेघालय254272+18~7.09%
मिज़ोरम266281+15~5.64%
नागालैंड234241+7~2.99%
ओडिशा254273+19~7.48%

MGNREGA Yojana क्या है?

2005 में भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) शुरू किया था। इसे मनरेगा के नाम से भी जाना जाता है। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को साल में 100 दिनों के काम का गारंटी प्रदान करना है। यह काम अलग-अलग कार्यों के लिए दिया जाता है। इसके अलावा इस योजना से जुड़े सदस्यों को अन्य सरकारी योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण का भी लाभ मिलता है।

मनरेगा योजना का उद्देश्य

  • ग्रामीण परिवारों को 100 दिनों के काम की गारंटी।
  • गरीब परिवारों को रोजगार और आय का साधन उपलब्ध कराना।
  • महिलाओं को समान वेतन और रोजगार के अवसर प्रदान करना।
  • अकुशल शारीरिक श्रम करने वालों को काम उपलब्ध करवाना।

मजदूरी तय करने का आधार क्या है?

मनरेगा की मजदूरी दरें CPI-AL (Consumer Price Index for Agricultural Labourers) यानी कृषि श्रमिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर हर साल संशोधित की जाती हैं। इसका उद्देश्य यह है कि महंगाई बढ़ने के साथ-साथ मजदूरों की वास्तविक आय में गिरावट न आए। यही कारण है कि हर राज्य में मजदूरी दरें अलग-अलग होती हैं।

सरकार का पक्ष

ग्रामीण विकास मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, यह बढ़ोतरी कानूनी प्रावधानों और महंगाई दर को ध्यान में रखते हुए की गई है। मंत्रालय का दावा है कि इससे करोड़ों ग्रामीण परिवारों की आय में सीधा सुधार होगा और गांवों में मांग बढ़ेगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को सहारा मिलेगा।

हालांकि, कई श्रमिक संगठनों और अर्थशास्त्रियों का कहना है कि मौजूदा बढ़ोतरी महंगाई की वास्तविक दर से पीछे है। उनका तर्क है कि कई राज्यों में मनरेगा मजदूरी अब भी राज्य न्यूनतम मजदूरी से कम है। खाद्य पदार्थों, ईंधन और स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती लागत के मुकाबले ₹7-₹26 की वृद्धि नाकाफी है। इससे ग्रामीण गरीबी और पलायन की समस्या पर सीमित असर पड़ेगा।

MGNREGA Yojana Overview

योजना की विशेषतायोजना का विवरण
शुरूआत का वर्ष2005
शुरू करने वाला मंत्रालयग्रामीण विकास मंत्रालय
मुख्य उद्देश्यग्रामीण रोजगार और आय सुरक्षा
काम के दिन100 दिन प्रति वर्ष

मनरेगा योजना के लिए पात्रता मानदंड

मनरेगा योजना के तहत देश के हर ग्रामीण क्षेत्र के लोग पात्र होते हैं। इसके तहत उन लोगों को कम दिया जाता है जो सेवा से संबंधित कार्य नहीं कर पाते हैं या फिर करने में सक्षम नहीं है। मनरेगा योजना के तहत तालाब बनाने का काम, छोटे पुल निर्माण का काम जैसे कार्य करवाए जाते हैं जिसमें मनरेगा योजना के तहत मजदूरों को 100 दिन की काम की गारंटी दी जाती है।

  1. आवेदक की आयु: आवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए।
  2. लाभार्थी का निवास: लाभार्थी भारत का स्थायी निवासी होना चाहिए।
  3. क्षेत्र के आधार पर काम: लाभार्थी केवल अपने क्षेत्र में काम के लिए आवेदन कर सकता है।
  4. काम का प्रकार: लाभार्थी को हमेशा अकुशल काम करने के लिए दिया जाता है। जैसे तलाब का निर्माण कार्य, ईंट ढुलाई का काम, बालु ढुलाई का काम इत्यादि।

MGNREGA Yojana Benefits 2026

इस योजना के लागू होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले और अकुशल श्रमिकों को 100 दिन की रोजगार की गारंटी मिलती है। बता दें कि यह एक ऐसा सरकारी नियम है जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों तथा शहरी क्षेत्र में रहने वाले गरीब लोगों को 100 दिन की रोजगार की गारंटी दी जाती है।

  • इस योजना के अंतर्गत बुजुर्ग सदस्यों को भी आसानी से कम मिल जाता है।
  • आवेदन करने के 15 दिनों के भीतर व्यक्ति कमाई शुरू कर देता है।
  • इस योजना का लाभ महिलाएं भी ले सकती हैं। एक चौथाई महिला श्रमिकों को इस योजना के तहत लाभ दिया जाता है।
  • पुरुषों और महिलाओं को इस योजना के अंतर्गत समान रूप से वेतन दिया जाता है।
  • गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों को उनके गांव में ही रोजगार की गारंटी दी जाती है। इससे गरीब लोगों को आई का साधन मिलता है।

मनरेगा योजना का लाभ कौन ले सकता है?

इस योजना का लाभ वह लोग ले सकते हैं जो किसी भी सरकारी सेवा से नहीं जुड़े हुए हैं। वैसे सभी परिवार के सदस्य इस योजना का लाभ ले सकते हैं जो अपनी रोजी-रोटी कमाने के लिए गांव में ही अवसर ढूंढ रहे हैं।

महिला और पुरुष दोनों ही इस योजना के तहत काम लेने के हकदार होते हैं। हालांकि एक परिवार से केवल एक व्यक्ति को ही योजना का लाभ दिया जाता है। योजना में महिला और पुरुष दोनों को ही एक सामान वेतन प्रदान किया जाता है।

FAQs: मनरेगा मजदूरी बढ़ोतरी 2025-26

मनरेगा मजदूरी में बढ़ोतरी कब से लागू हुई है?

मनरेगा की नई मजदूरी दरें 1 अप्रैल 2025 से पूरे देश में लागू हो चुकी हैं। यह बढ़ोतरी वित्त वर्ष 2025-26 के लिए मान्य है।

2025-26 में मनरेगा मजदूरी कितनी बढ़ाई गई है?

सरकार ने राज्यों के हिसाब से मनरेगा मजदूरी में ₹7 से ₹26 प्रति दिन तक की बढ़ोतरी की है। प्रतिशत के तौर पर यह वृद्धि 2.33% से 7.48% के बीच है।

2025-26 में सबसे ज्यादा मनरेगा मजदूरी किस राज्य में है?

हरियाणा में 2025-26 के लिए सबसे अधिक मनरेगा मजदूरी तय की गई है, जो ₹400 प्रति दिन है। यह देश में अब तक की सबसे ऊँची मनरेगा मजदूरी दर है।

क्या मनरेगा मजदूरी सभी राज्यों में समान होती है?

नहीं, मनरेगा मजदूरी हर राज्य में अलग-अलग होती है। मजदूरी दरें राज्य-वार CPI-AL (Consumer Price Index for Agricultural Labourers) के आधार पर तय की जाती हैं।

मनरेगा मजदूरी तय करने का आधार क्या है?

मनरेगा मजदूरी दरें महंगाई दर (CPI-AL), क्षेत्रीय आर्थिक स्थिति और केंद्र सरकार की अधिसूचना के आधार पर हर साल संशोधित की जाती हैं।

क्या नई मनरेगा मजदूरी न्यूनतम मजदूरी से कम है?

कई राज्यों में मनरेगा मजदूरी अब भी राज्य की न्यूनतम मजदूरी से कम है। इसी वजह से श्रमिक संगठनों द्वारा इस बढ़ोतरी को अपर्याप्त बताया जा रहा है।

मनरेगा मजदूरी बढ़ने से ग्रामीण लोगों को क्या फायदा होगा?

ग्रामीण मजदूरों की आय में वृद्धि होगी
गांवों में खर्च करने की क्षमता बढ़ेगी
पलायन (Migration) में कमी आ सकती है
स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी

मनरेगा मजदूरी हर साल क्यों बढ़ाई जाती है?

मनरेगा मजदूरी को हर साल इसलिए संशोधित किया जाता है ताकि महंगाई के कारण मजदूरों की वास्तविक आय में गिरावट न आए और उनकी आजीविका सुरक्षित रहे।

क्या भविष्य में मनरेगा मजदूरी और बढ़ सकती है?

अगर महंगाई दर में वृद्धि जारी रहती है, तो आने वाले वर्षों में मनरेगा मजदूरी में और संशोधन किया जा सकता है। हालांकि अंतिम फैसला केंद्र सरकार द्वारा लिया जाता है।

MGNREGA Yojana Important Links

मनरेगा योजना की वेबसाइटमहत्वपूर्ण लिंक
MGNREGA Official WebsiteOfficial Website
MGNREGA Rate 2025-26 PDFMGNREGA Rate
MGNREGA Office Address
THE MAHATMA GANDHI NATIONAL RURAL EMPLOYMENT GUARANTEE ACT 2005 (MGNREGA)
Ministry of Rural Development – Govt. of India
Krishi Bhavan,
Dr. Rajendra Prasad Road,
New Delhi – 110001 INDIA

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